Live Yoga-Sūtra Chanting
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योगसूत्रों के चयनित विषयों, पाठ और व्याख्या का प्रथम-स्तरीय स्वाध्याय।
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श्रीपातञ्जलयोगदर्शन – व्याख्यान L1 (हिन्दी) हिन्दी कोर्स श्रीपातञ्जलयोगदर्शन – व्याख्यान L1 (हिन्दी) की रचना पातंजलयोगसूत्रों के गहराई से अध्ययन करने के लिए हुई है । श्री-पातंजल-योग-दर्शन 4 अध्यायों में विभाजित है । यह कोर्स Level 1 है, जिसका अर्थ है कि इसमें लगभग एक चौथाई श्री-पातंजल-योगदर्शन का अध्ययन सम्मिलित है । अगला कोर्स लेवल 2 है, जिसमें श्री-पतंजल-योगदर्शनम का अगला एक चौथाई हिस्सा होगा ।
आवश्यक योग्यता / पूर्व तैयारी (Prerequisite) जो लोग इस कोर्स का अध्ययन करना चाहते हैं, उन्हें कुछ अध्ययन पूर्व तैयारी के रूप में करना होगा, जो पाठ्यक्रम में दी गई विषय वस्तु को समझने के लिए आवश्यक है ।
स्तोत्रपाठविधि | वर्णोच्चारणशिक्षा - पाठ १
https://tinyurl.com/mr4823t3
यह 27 व्याख्यानों की सीरीज़ है । यह अध्ययन हमें पातंजलयोगसूत्रों के सही उच्चारण में मदद करेगा । इन व्याख्यानों को आप इस कोर्स के साथ-साथ सुन सकते हैं ।
जिस तरह स्कूलों और कॉलेजों में एक साथ कई विषय पढ़ाए जाते हैं, उसी तरह ये सभी पाठ्यक्रम ‘श्रीपातञ्जलयोगदर्शन – व्याख्यान L1 (हिन्दी) ’ कोर्स के साथ-साथ चलेंगे ।
श्रीपातञ्जलयोगदर्शन – व्याख्यान L1 (हिन्दी) की विषय वस्तु - चुने हुए पातंजलयोगसूत्रों का पाठ/ पारायण
चुने हुए पातंजलयोगसूत्रों का अध्ययन
प्रथम अध्याय - समाधिपाद से -
योगानुशासनम्
योगदर्शन के अनुसार योग की परिभाषा
चित्त की अवधारणा
चित्तवृत्ति की अवधारणा
चित्तवृत्तिनिरोध
चित्तवृत्तिनिरोध-उपाय - 3 अधिकारी
उत्तम-मध्यम-अधम अधिकारियों के लिए चित्तवृत्तिनिरोध-उपाय
अभ्यास
वैराग्य - अपर-वैराग्य और पर-वैराग्य
ईश्वर और ईश्वर-प्रणिधान की अवधारणा
प्रणव - ॐ की अवधारणा
ॐ - जप
प्रणव-जप/ ओम-जप के परिणाम
द्वितीय अध्याय - साधनपाद से -
अष्टांग-योग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि)
क्रिया-योग (तप:, स्वाध्याय, ईश्वर-प्रणिधान)
महाव्रत की संकल्पना
वितर्क की अवधारणा
प्रतिपक्षभावना की अवधारणा
तृतीय अध्याय - विभूतिपाद से -
धारणा-ध्यान-समाधि का विवेचन
संयम की अवधारणा आदि ।
श्रीपातञ्जलयोगदर्शन – व्याख्यान L1 (हिन्दी) में अध्ययन किये जाने वाले सूत्र - अध्याय 1, 2 और 3 से अध्ययन किये जाने वाले सूत्र :
अध्याय 1 से - आरंभ से लेकर सूत्र संख्या 16 तक और सूत्र 23-29 तक
अध्याय 2 से - सूत्र 1-3, 29-34, 46-55 तक
अध्याय 3 से - सूत्र 1-4 तक
हिन्दी
डॉ. रजनी प्रधान
अपनी-गति से,
Learn all 195 Sūtras carefully, Sūtra by Sūtra and word by word, with attention to sound, pronunciation and rhythm.
A deep, guided study of selected Yoga-Sūtras, including chanting, explanation, Indian knowledge traditions, Ṣaḍdarśanas and foundations of Saṃskṛta.
महर्षि पतंजलि के योगसूत्रों का गहन अध्ययन, उच्चारण, पाठ और व्याख्या सहित एक हिन्दी ऑनलाइन पाठ्यक्रम।